का सरल उत्तर
द्वितीया श्राद्ध न करने पर तीन दुष्परिणाम होते हैं। पहला, भगवान शम्भु यानी शिव कुपित होते हैं। दूसरा, उस व्यक्ति के ब्रह्म-वर्चस्व यानी तेज और पुण्य का सर्वथा नाश हो जाता है। तीसरा, मृत्यु के बाद रौरव और कालसूत्र नामक भयंकर नरकों की यातना भोगनी पड़ती है। स्कन्द पुराण नागर खण्ड अध्याय 230 में यह स्पष्ट वर्णन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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