का सरल उत्तर
हाँ, द्वितीया श्राद्ध से शिव गणों का साथ मिलता है। स्कन्द पुराण के नागर खण्ड के अनुसार श्राद्धकर्ता मृत्यु के बाद कैलास धाम प्राप्त करता है और शिवेन सह मोदते यानी शिव के गणों के साथ परम मोद यानी आनन्द पाता है। शिव के दिव्य गणों का साहचर्य परम भक्त के लिए सर्वोच्च पारलौकिक प्राप्ति है। यह द्वितीया श्राद्ध की विशिष्ट महिमा है।
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