का सरल उत्तर
हाथी = प्रज्ञा, शक्ति, राजसी वैभव, स्थिर प्रयास। जल अभिषेक = निरंतर प्रवाहित ऊर्जा, पवित्रता। रुकी हुई संपदा विष बन जाती है — प्रवाहित संपदा समाज का कल्याण करती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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