का सरल उत्तर
गजासुर ने ब्रह्माजी की घोर तपस्या की और उनसे वरदान पाया कि कोई देवता, मानव या राक्षस उसे न मार सके और उसका शरीर अभेद्य हो। वरदान पाकर वह अजेय और उन्मत्त हो गया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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