का सरल उत्तर
गंगातट, विशेषकर काशी-वाराणसी में, मृत्यु होने पर स्वयं शिव तारक मंत्र देते हैं जिससे मोक्ष मिलता है — यह काशीखण्ड में वर्णित है। गरुड़ पुराण के अनुसार मुख में गंगाजल पड़ने से आत्मा शुद्ध होती है और पाप नष्ट होते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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