का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार मुख में गंगाजल होने से शरीर और आत्मा पवित्र हो जाते हैं और यमदण्ड नहीं भोगना पड़ता। इसीलिए हिंदू परंपरा में अंतिम समय में गंगाजल देने का विधान है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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