गीता के तीसरे अध्याय कर्मयोग का सारांश क्या है
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तीसरा अध्याय निष्काम कर्म का उपदेश देता है। कर्म अनिवार्य है; फल की आसक्ति छोड़कर यज्ञ भावना से करें। लोकसंग्रह के लिए ज्ञानी को भी कर्म जरूरी। काम ही सबसे बड़ा शत्रु।
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