ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

गीता के तीसरे अध्याय कर्मयोग का सारांश क्या है

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

तीसरा अध्याय निष्काम कर्म का उपदेश देता है। कर्म अनिवार्य है; फल की आसक्ति छोड़कर यज्ञ भावना से करें। लोकसंग्रह के लिए ज्ञानी को भी कर्म जरूरी। काम ही सबसे बड़ा शत्रु।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
भगवद गीता

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।

सरल उत्तर: गीता के तीसरे अध्याय कर्मयोग का सारांश क्या