गीता के 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' का महर्लोक पर क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गीता (८.१६) का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन' महर्लोक पर भी लागू है — यह भी पुनरावर्ती है। यहाँ से मोक्ष न मिला तो नई सृष्टि में वापसी होती है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
लोक
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।