गृहस्थ जीवन में अतिथि सत्कार का महत्व?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
'अतिथिदेवो भव'(तैत्तिरीय)। पंचमहायज्ञ=अतिथि सेवा=देव पूजा। जल→आसन→भोजन→विदाई। नकुल-नेवला कथा(अतिथि पुण्य)। Hospitality=भारतीय DNA।
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