का सरल उत्तर
मनुस्मृति और गीता दोनों के अनुसार गृहस्थाश्रम श्रेष्ठ है — सभी तीन अन्य आश्रम गृहस्थ पर ही निर्भर हैं। गीता में निष्काम कर्मी गृहस्थ को अकर्मण्य संन्यासी से श्रेष्ठ बताया गया है। राजा जनक गृहस्थ रहते हुए जीवनमुक्त हुए — यही शास्त्रों का आदर्श है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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