का सरल उत्तर
अतिथि सेवा ('अतिथि देवो भव'), स्त्री सम्मान (मनुस्मृति), माता-पिता सेवा, संतान पालन। गीता: स्वधर्म (कर्तव्य)=सबसे बड़ा। महाभारत: गृहस्थ=सबसे बड़ा आश्रम।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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