का सरल उत्तर
यह व्रत मुख्य रूप से देवगुरु बृहस्पति और जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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