का सरल उत्तर
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को होती है। सोलह श्रृंगार, हरे वस्त्र, प्रदोष काल में गणेश-शिव-पार्वती पूजा, कथा श्रवण, झूला और मेहंदी इसके मुख्य अंग हैं। निर्जला व्रत रखकर अगले दिन पारण करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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