का सरल उत्तर
हरतालिका तीज पूजा विधि: गौरी-शंकर संयुक्त पूजा, अष्ट प्रहर पूजा, सोलह श्रृंगार, अपामार्ग-धतूरा-बेलपत्र-चम्पक-शमी पत्र से विभिन्न नामों का उच्चारण। फल: पार्वती के समान अचल सुहाग और मनोवांछित फल।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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