का सरल उत्तर
भाद्रपद शुक्ल तृतीया; पार्वती ने शिव तपस्या=अखंड सौभाग्य। शिव=महामृत्युंजय=पति रक्षा। निर्जल=कठोर तप=अधिक पुण्य। बालू मूर्ति+षोडशोपचार+रात्रि जागरण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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