का सरल उत्तर
हवन के बाद दान: आचार्य/पुरोहित को आदरपूर्वक दें — धोती, दुपट्टा, अंगोछा, पंचपात्र, यज्ञोपवीत, आसन, फल, मिष्ठान और यथायोग्य सुवर्ण/रजत (धन)। बाद में सभी को प्रसाद वितरित कर आरती करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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