का सरल उत्तर
हवन में त्रुटि होने पर: तुरंत हृदय और जल का स्पर्श करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें। यही शास्त्रोक्त प्रायश्चित्त है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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