हवन में कौन सी हस्त मुद्रा सही है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
हवन की तीन मुद्राएं: मृगी मुद्रा (अंगूठा+मध्यमा+अनामिका) = शांतिकर्म और सामान्य देव-यज्ञ के लिए सर्वश्रेष्ठ। हंसी मुद्रा (कनिष्ठा छोड़कर) = पौष्टिक कर्म। सूकरी मुद्रा = तांत्रिक प्रयोग, सामान्य हवन में वर्जित।
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