का सरल उत्तर
'स्वाहा' का अर्थ है पूर्ण समर्पण और भस्म कर देना — अग्निदेव आहुति को सूक्ष्म रूप में ग्रहण करके इष्ट देव तक पहुंचाते हैं। हवन मंत्र के अंत में 'स्वाहा' कहकर आहुति दी जाती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।