का सरल उत्तर
पार्वती ने हिमालय के गौरी-शिखर पर 3,000 वर्ष कठोर तपस्या की — पहले फलाहार, फिर पत्ते और फिर कुछ नहीं (अपर्णा)। शिव-नाम जप, उपवास और पंचाग्नि साधना से शिव का आसन हिला।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।