का सरल उत्तर
हिरण्यगर्भ (ब्रह्मा का सार्वभौमिक स्वरूप) की निष्काम उपासना सत्यलोक का द्वार खोलती है। यह देवयान मार्ग से क्रम मुक्ति का मार्ग है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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