का सरल उत्तर
'ह्रीं' भैरव और साधक के बीच सेतु का काम करता है — साधक सीधे भैरव तक नहीं बल्कि भैरवी (शक्ति) का आह्वान करता है। माया को बढ़ाने के लिए नहीं, माया को नियंत्रित करने वाली शक्ति जागृत करने के लिए। शक्ति का आह्वान करके शक्तिमान को देखने का तांत्रिक मार्ग।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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