का सरल उत्तर
इन्द्र वंदन न करने से: देवराज इन्द्र संपूर्ण यज्ञ का पुण्यफल हर लेते हैं। बाद में भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए अज्ञानतावश त्रुटियों के लिए क्षमा मांगें: 'ॐ प्रमादात् कुर्वतां कर्म...'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।