का सरल उत्तर
निकुंभला यज्ञ से मेघनाद को अजेय दिव्य रथ मिलता — ब्रह्मा का वरदान था। परंतु यज्ञ भंग होने पर वह मारा जाएगा — यह शर्त थी। विभीषण के मार्गदर्शन में हनुमान और लक्ष्मण ने यज्ञ भंग कर मेघनाद को वध-योग्य बनाया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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