का सरल उत्तर
ईश्वरोऽहं सिद्धोऽहम = मैं ही ईश्वर हूँ, मैं ही सिद्ध हूँ। हाटक रस पीने के बाद व्यक्ति मिथ्या अहंकार में यही समझने लगता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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