का सरल उत्तर
सुमेरु को नहीं लांघते क्योंकि साधना का उद्देश्य गुरु से 'आगे निकलना' नहीं बल्कि निरंतर उनकी परिक्रमा करना है — यह नियम विनम्रता सिखाता है और बोध कराता है कि अनंत की यात्रा स्वयं अनंत है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।