का सरल उत्तर
जपमाला साधारण गणना यंत्र नहीं — जब साधक मंत्रोच्चार के साथ एक-एक मनका आगे बढ़ाता है तो वह मनके को मंत्र की दिव्य ध्वनि-तरंगों से ऊर्जान्वित करता है। 108 बार जप से यह शक्तिशाली ऊर्जा-चक्र बनाती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।