का सरल उत्तर
नहीं — शास्त्र इसका खंडन करते हैं। दूध सर्प का आहार नहीं है, यह अहिंसा का उल्लंघन है। शास्त्र में दूध 'पिलाने' नहीं बल्कि 'अर्पण/अभिषेक' करने का विधान है — पूजा प्रतिमा की करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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