का सरल उत्तर
कलश जल मंत्र (वरुण आवाहन): 1. 'ॐ आ जिघ्र कलशं मह्या त्वा...' (कलश! ऊर्जा से परिपूर्ण हो), 2. 'ॐ वसोः पवित्रमसि शतधारं...' (जल = सैकड़ों धाराओं वाला पवित्रकर्ता), 3. 'ॐ हिरण्यगर्भः समवर्तताग्रे...' (हिरण्यगर्भ = सृष्टि के स्वामी)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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