का सरल उत्तर
सुबह जल्दी उठकर पानी में गंगाजल मिलाकर नहाना चाहिए। फिर हाथ में जल और चावल (अक्षत) लेकर व्रत का संकल्प लें और भगवान के 'श्रीधर' स्वरूप की पूजा करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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