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सरल उत्तर

कर्मकांडी और ब्रह्मज्ञानी के दृष्टिकोण में स्वर्लोक को लेकर क्या अंतर है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

कर्मकांडी स्वर्लोक को अंतिम लक्ष्य मानते हैं। ब्रह्मज्ञानी और भक्त इसे अस्थायी मानते हैं और सीधे मोक्ष चाहते हैं। भागवत कहता है — शुद्ध भक्त स्वर्लोक की कामना नहीं करते।

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