का सरल उत्तर
कर्ण का कवच-कुंडल उनके पिता सूर्यदेव का दिव्य वरदान था। माता अदिति के दिव्य कुंडलों सहित यह जन्म के साथ ही शरीर पर था। इसे देने वाले सूर्यदेव स्वयं थे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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