कर्ण का कवच-कुंडल क्या था?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कर्ण का कवच-कुंडल जन्म से ही शरीर पर था — सूर्यदेव का दिव्य वरदान। यह शरीर का अभिन्न अंग था, अभेद्य था, और कोई भी अस्त्र इसे नहीं भेद सकता था। जब तक था — कर्ण अजेय थे।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
अस्त्र शस्त्र
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।