का सरल उत्तर
कर्ण के पास विजय धनुष (परशुराम से), इंद्रास्त्र/अमोघास्त्र (इंद्र से — घटोत्कच पर चला), ब्रह्मास्त्र (भूल गया), नागास्त्र, भार्गवास्त्र, और जन्मजात अभेद्य कवच-कुंडल थे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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