का सरल उत्तर
कर्णवेध = कान छेदन संस्कार। कब: 3-5 वर्ष (या 6-7 मास), शुभ मुहूर्त। महत्व: (1) वैदिक संस्कार — रक्षात्मक। (2) सुश्रुत संहिता: हर्निया/अंडकोष वृद्धि से रक्षा, मस्तिष्क विकास बिन्दु। विधि: गणपति पूजन → हवन → प्रातःकाल सूर्य रोशनी में → स्वर्ण/चाँदी तार से। स्वच्छता अनिवार्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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