का सरल उत्तर
सूर्योदय से पहले सरगी लें। सोलह श्रृंगार करें। शाम को करवाचौथ माता की पूजा, कथा श्रवण और करवा बदलने की रस्म करें। रात को छलनी से चाँद और पति का मुख देखें, अर्घ्य दें और पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।