का सरल उत्तर
ऋणमुक्ति के लिए बुधवार को 'ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र' का पाठ करें और 'ॐ गणेश ऋणं छिन्दि वरेण्यं हुं नमः फट्' का 108 बार जप करें। मंगलवार को 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' पढ़ें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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