का सरल उत्तर
कुशा विद्युत की कुचालक (Insulator) है — जप से उत्पन्न आध्यात्मिक और विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा को पृथ्वी में प्रवाहित (Grounding) होने से रोकती है, जिससे वह ऊर्जा साधक के शरीर में संचित रहती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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