का सरल उत्तर
हाँ, जीवात्मा पुनर्जन्म लेती है। भगवद्गीता, गरुड़ पुराण और कठोपनिषद सभी इसकी पुष्टि करते हैं। कर्मों और अंतिम विचारों के आधार पर अगला जन्म निर्धारित होता है। मोक्ष प्राप्ति पर यह चक्र समाप्त होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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