का सरल उत्तर
हाँ, अवश्य। महापापी को वैतरणी की यातना के बाद घोर नरक मिलता है। 'एक नरक से दूसरे नरक तक भटकना' — महापापी की नियति है। 'बिना भोगे कर्म नष्ट नहीं होता।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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