का सरल उत्तर
हाँ, गरुड़ पुराण के अनुसार अगर बेटा न हो तो पत्नी श्राद्ध कर सकती है। यदि परिवार में कोई पुरुष न हो, तो बेटियां (विवाहित या अविवाहित) भी पूरी विधि से श्राद्ध और पिंडदान कर सकती हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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