का सरल उत्तर
वैदिक विज्ञान के अनुसार मंत्रों की ध्वनि तरंगों और यज्ञ के धुएं से वायुमंडल को प्रभावित किया जा सकता है। वर्षा के लिए ऋग्वेद के 'पर्जन्य सूक्त' और 'कारीरी इष्टि' यज्ञ का विधान इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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