का सरल उत्तर
माता पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए यही व्रत और तपस्या की थी। इसलिए मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी पाने के लिए अविवाहित कन्याएं यह व्रत रखती हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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