का सरल उत्तर
लिंगोद्भव कथा का संदेश: ईश्वर अनंत है — बुद्धि या अहंकार से नहीं, केवल समर्पण से प्राप्त होता है। त्रिमूर्ति = एक ही परमसत्ता के तीन कार्यशील रूप। निर्गुण रूप में ज्योतिर्लिंग = स्वयं शिव (परब्रह्म)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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