का सरल उत्तर
ध्यान श्लोक: 'मध्ये सुधाब्धिमणिमण्डपरत्नवेद्यां सिंहासनोपरिगतां परिपीतवर्णाम्...' अर्थ: अमृत सागर के मध्य मणिमंडप में, पीत वर्णा, पीले वस्त्र-आभूषण-माला से विभूषित, हाथ में मुद्गर और शत्रु जिह्वा धारण करने वाली देवी का स्मरण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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