का सरल उत्तर
माँ धूमावती = दस महाविद्याओं में सातवीं (कुछ मतों में अंतिम) महाविद्या। प्रलय काल में प्रकट होती हैं। 'शून्य' और 'अभाव' का प्रतिनिधित्व। सांसारिक मोह-त्याग का प्रतीक। धूमावती साधना = शून्यता और अभाव की शक्ति को समझना।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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