का सरल उत्तर
ब्रह्मांड रचना: सृष्टि से पहले अंधकार-शून्यता → माँ कूष्मांडा ने मंद हास्य किया → ऊष्मा से छोटा ब्रह्मांडीय अंड उत्पन्न → यही पूरे विश्व का आधार। उनके प्रकाश से दसों दिशाएँ उज्ज्वल। एक अन्य: वैकुण्ठ में विष्णु हृदय से हँसकर ब्रह्मांड रचा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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