माँ कूष्मांडा को 'जगत जननी' क्यों कहते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
'जगत जननी' क्यों: माँ कूष्मांडा ने अपने उदर से समस्त ब्रह्मांड को धारण किया हुआ है। अवतार का उद्देश्य = सृजन + जीवन का संचार। उनकी हंसी की ऊर्जा = संसार के जीवों का पोषण।
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