का सरल उत्तर
निवास स्थान: शास्त्र = सूर्यलोक। वर्तमान मान्यता = सूर्य के भीतर-बाहर सर्वत्र विद्यमान। एक अन्य विश्वास = सुप्त रूप में वैकुण्ठ में विष्णु के हृदय में थीं → सृष्टि इच्छा होने पर हँसकर ब्रह्मांड रचा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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