का सरल उत्तर
राज मातंगी ध्यान श्लोक: 'श्यामांगीं शशिशेखरां त्रिनयनां वेदैः करैर्बिभ्रतीं...' अर्थ: श्याम वर्णा, चंद्र-मस्तक, तीन नेत्र, हाथों में वेद-पाश-खेट-अंकुश-तलवार। रत्न आभूषणों से उज्ज्वल, दयालु, सर्वार्थ सिद्ध करने वाली मातंगी का स्मरण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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